Ujjain में ‘कब्जा पॉलिटिक्स’ गरमाई: विक्रम विवि के बंगले खाली कराओ…नोटिस मिलते ही BJP विधायक चिंतामणि का पलटवार

उज्जैन। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में बंगलों से कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही विवाद बढ़ गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आलोट से भाजपा विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय सहित 6 लोगों को सरकारी आवास खाली करने के नोटिस दिए हैं। नोटिस के बाद विधाक ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आवास पर सवाल उठाए हैं।
विश्वविद्यालय की हाल ही में हुई कार्यपरिषद की बैठक में तय हुआ कि जिन लोगों का विश्वविद्यालय से संबंध नहीं है, उनसे आवास खाली कराए जाएंगे। जानकारी के अनुसार करीब आधा दर्जन आवासों पर बाहरी लोगों का कब्जा है, जिनमें भाजपा विधायक, पूर्व एडिशनल एसपी, असिस्टेंट प्रोफेसर, लेक्चरर सहित अन्य शामिल हैं।
बाहरी कब्जों के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों को आवास नहीं मिल रहे हैं। वर्तमान में 50 से अधिक कर्मचारी आवास के लिए आवेदन कर चुके हैं। प्रशासन अब वर्षों से कब्जा जमाए लोगों को हटाने की तैयारी में है।विधायक बोले- हिसाब होने पर आवास खाली कर देंगे
आलोट विधायक डॉ. चिंतामणि मालवीय को वर्ष 2009 में विश्वविद्यालय का ई-4 आवास आवंटित हुआ था, जिसका मासिक किराया 1620 रुपए है। उन्होंने अक्टूबर 2023 में विधानसभा चुनाव से पहले एक दिन में 9.09 लाख रुपए जमा किए थे। इसके बाद से किराया जमा नहीं किया गया है।
नोटिस के बाद विधायक ने कहा कि नैतिक सवाल यह भी है कि मुख्यमंत्री ने कुलपति का बंगला ले रखा है, जो एक लैंडमार्क और ऐतिहासिक भवन होता है। हम उन्हीं के पदचिह्नों पर हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से उनका कुछ बकाया हिसाब है। उन्होंने चुनाव से पहले करीब 10 लाख रुपए जमा किए थे। उनका दावा है कि 2010 में उनका प्रमोशन होना था, जो 4 साल लंबित रहा, जिससे भुगतान बाकी है।
वे कई बार विश्वविद्यालय से हिसाब करने का अनुरोध कर चुके हैं। उन्होंने कहा है कि हिसाब होने पर वे आवास खाली कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जांच गहराई से होगी तो मामला लंबा हो सकता है।
आवास केवल कर्मचारियों के लिए सुरक्षित रखे जाएंगे
कुलगुरु अर्पण भारद्वाज ने बताया कि कार्यपरिषद के निर्णय के अनुसार विश्वविद्यालय के आवास केवल कर्मचारियों के लिए सुरक्षित रखे जाएंगे। जिन लोगों को नोटिस दिया गया है, उन्हें एक माह का समय दिया गया है।
उन्होंने कहा कि कई कर्मचारी जर्जर भवनों में रहने को मजबूर हैं, जबकि कुछ आवासों पर बाहरी कब्जा है। आवास खाली होने के बाद इन्हें कर्मचारियों को दिया जाएगा। जर्जर 21 भवनों को हटाने की योजना है।
सीएम को मिला कुलपति का बंगला
मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. मोहन यादव के लिए उज्जैन के देवास रोड स्थित कुलपति का बंगला खाली कराया गया था। इसके बाद उसका नवीनीकरण हुआ और करीब डेढ़ साल पहले तैयार किया गया।
वर्तमान में मुख्यमंत्री उज्जैन प्रवास के दौरान अधिकतर समय इसी बंगले में रात्रि विश्राम करते हैं। इसी मुद्दे पर विधायक ने विश्वविद्यालय के नोटिस पर प्रतिक्रिया दी है।

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