भोपाल। मध्य प्रदेश में मंत्रालय में ऑनलाइन फाइलें चलने के बाद अब ई-पंचायत की बारी है। प्रदेश की 18 हजार 11 पंचायतें भी ऑनलाइन होंगी। 5 हजार पंचायतों में पहले से ही नेट कनेक्टिविटी है। बाकी में हाईस्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर बनना है। ये काम भारतनेट अभियान के तहत बीएसएनएल करेगा। इससे पंचायतों में काम ऑनलाइन होंगे। इससे पारदर्शिता आएगी।
खास बात ये रहेगी कि काम में रोड़ा बनने वाले सचिव, पंचायत इंस्पेक्टर, जनपद के बाबू और अफसर नपेंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिँह पटेल ने मंत्री पद सम्हालते ही ई पंचायत कि तैयारी शुरू कर डी थी। पंचायतराज संचालनालय के संचालक छोटे सिंह ने बताया कि हर पंचायत को परिसर में ही दो वर्गमीटर जगह देनी होगी।
पूरे कार्यक्रम की हर तीन माह में मुख्य सचिव अनुराग जैन समीक्षा करेंगे। सरकार ने इसके लिए 22 मई को उच्च स्तरीय समिति बनाई है, जिसके अध्यक्ष मुख्य सचिव (सीएस) हैं। बीएसएनएल के मुख्य महाप्रबंधक सदस्य सचिव बनाया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, ऊर्जा, पीडब्ल्यूडी, वन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के एसीएस, पीएस, सचिवों को सदस्य और पंचायत राज संचालक को सदस्य बनाया है।
इनका कहना है
गांवों के लिए भी डिजिटल इंडिया जरूरी है। इसलिए ई-पंचायत बनाएंगे। यहां सभी काम ई-ऑफिस की तरह ही ऑनलाइन हाेंगे। ग्रामीणों को केंद्र और राज्य की सुविधाएं समय पर मिलेंगी। जीवनस्तर अच्छा होगा।
– प्रहलाद सिंह पटेल, मंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास
