नरसिंहपुर। नरसिंहपुर में होटल कुसुमवैली में हुई 75-80 लाख रुपए की कथित लूट क़ो लेकर पुलिस में आरोपियों क़ो पकड़कर इतिश्री कर ली है, लेकिन इस सवाल का जवाब नहीं मिला है कि कितनी रकम लूटी गई थी और ये रकम क्या वाकई किसी संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए ये रकम रखी गई थी? इससे अहम् सवाल ये है कि रजिस्ट्री के लिए अधिकतम कितनी नकदी का नियम है?
पुलिस का कहना है कि होटल के ही कर्मचारियों ने मिलकर लूट की थी।इसकी रिपोर्ट हालांकि 75-80 लाख की. लिखाई गई, लेकिन अपूष्ट सूत्र बताते हैँ कि 3 से 4 करोड़ के बीच रकम वहां पर रखी थी, जो लूटी गई है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 66 लाख रुपए नकद बरामद कर लिए हैं। बाकी रकम क़ो लेकर अभी क़ोई जानकारी नहीं मिल सकी है।
पुलिस ने इस मामले में चंद्रेश रजक, राकेश कुमार शुक्ला, अनुज कुमार वाल्मीकि और मोनू उर्फ टुईया बंशकार को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। लेकिन तमाम सवालों के जवाब अभी तक नहीं मिले हैँ।
शहर में चर्चा है कि होटल से जो राशि लूटी गई, वो अकेले होटल मालिक की नहीं थी। उससे क़ोई संपत्ति जरूर खरीदी जानी थी, पर ये नकद राशि दो नम्बर में दी जानी थी।
अब सवाल ये भी उठता है कि जब रजिस्ट्री में नकदी का नियम नहीं है, और इतनी नकद राशि नहीं रख सकते तो अभी तक आयकर या दूसरी एजेंसी ने इस सम्बन्ध में क़ोई पूछताछ क्यों नहीं की? पुलिस ने आयकर या अन्य एजेंसी क़ो इसकी खबर दी, जो कायदे से देनी चाहिए थी। हर पहलू पर जांच होगी, इसकी उम्मीद फिलहाल नहीं है, क्योंकि मामले में सीधे मंत्री ने हस्तक्षेप किया है, ऐसी जानकारी सामने आ रही है।
MP : नरसिंहपुर लूट से उठे कई सवाल…नकदी से रजिस्ट्री कहाँ होती है? इतनी बड़ी नकद राशि क़ो लेकर क्या जांच हुईं, या अब होगी..?
