खरगोन। जिले के ग्राम शिवना में स्वास्थ्य तंत्र की शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। बुधवार सुबह प्रसव पीड़ा से तड़पती एक महिला को लेकर परिजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, लेकिन वहां ताला लटका मिला। मजबूरी में महिला ने अस्पताल परिसर में ही शिशु को जन्म दिया।
घटना के समय ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नदारद था। बाद में सफाई के लिए पहुंची एक महिला ने ताला खोलकर जच्चा-बच्चा को वार्ड के पलंग तक पहुंचाया। सुबह 9 बजे स्टाफ के आने पर उपचार शुरू हुआ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमएचओ डॉ. डीएस चौहान ने तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों का दल जांच के लिए भेजा। जांच में लापरवाही की पुष्टि होने पर मेडिकल ऑफिसर का 10 दिन और दो स्टाफ नर्सों का 15-15 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद परिजन घर ले गए हैं।
छुट्टी व लापरवाही का बहाना
जानकारी के अनुसार, रात के समय यहां दो नर्सों की तैनाती रहती है, जिनमें से एक अवकाश पर थी और दूसरी कथित तौर पर कहीं उपचार करने गई थी। मेडिकल ऑफिसर की अनुपस्थिति और ताला बंद होने के कारण प्रसूता को खुले परिसर में प्रसव के लिए मजबूर होना पड़ा। जिला स्वास्थ्य अधिकारी की जांच रिपोर्ट के बाद अब अन्य कड़े अनुशासनात्मक कदमों की तैयारी है।
MP : खरगोन जिले के गाँव में अस्पताल बंद, तड़पती रही प्रसूता, बाहर हुआ प्रसव
