झाबुआ। झाबुआ जिले के पाडलवा स्थित शासकीय मॉडल स्कूल के 300 से अधिक छात्र-छात्राओं ने गुरुवार को अपनी समस्याओं का ऐसा “मॉडल” पेश किया कि प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। पीने के लिए कुएं का गंदा पानी, कीचड़ भरी सड़क और लापरवाह प्रबंधन से परेशान बच्चे तपती धूप में 16 किमी पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए।
रास्ते में अफसरों ने रोकने की कोशिश की, पानी की बोतलें भी दीं, लेकिन बच्चों ने हाथ जोड़कर कहा- अब सिर्फ कलेक्टर मैडम से बात होगी। करीब चार घंटे बाद दोपहर सवा दो बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चों से कलेक्टर नेहा मीना ने एसी हॉल में बैठकर डेढ़ घंटे बातचीत की, नाश्ता-फल मंगवाए और समाधान का आश्वासन देकर वाहनों से स्कूल भिजवाया।
अफसर रास्ते में हाथ जोड़ते रहे, बच्चे बोले- स्कूल ने नहीं सुनी, अब आप ही सुनो
बच्चों का दर्द : बच्चों ने बताया कि स्कूल में नल-जल योजना ठप है और कुएं से टैंकर भरकर गंदा पानी पिलाया जा रहा है। स्टोरेज टंकी महीनों से साफ नहीं हुई। कई बार प्राचार्य व स्टाफ से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। स्कूल तक पक्की सड़क नहीं है, बारिश में हालात बदतर हो जाते हैं।
बच्चों को पढ़ाई से शिकायत नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं और प्राचार्य के रवैये से परेशानी है। पिछले दो वर्षों में निरीक्षण करने वाले अफसरों की भूमिका भी जांच में रहेगी। तत्काल अधिकारियों को स्कूल भेजकर समस्याओं का त्वरित निराकरण कराने के निर्देश दिए हैं।’ -नेहा मीना, कलेक्टर, झाबुआ
Jhabua : मॉडल स्कूल के 300-छात्र 16 किमी पैदल कलेक्टोरेट पहुंचे, कलेक्टर से बोले- मैडम, टंकी गंदी; कुएं से टैंकर भरकर बुलवा रहे
